विचार

रात, रेंटल अपार्टमेंट और तुम

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बंद दरवाज़े के पीछे


रात के ठीक बारह बज रहे थे। गोवा के एक आलीशान रिसॉर्ट के विला नंबर 4 में केवल एक मद्धम पीली लाइट जल रही थी। रिया ने वाइन का ग्लास टेबल पर रखा और रेशमी गाउन की बेल्ट को थोड़ा ढीला किया। समंदर की ठंडी हवा खुली खिड़की से अंदर आकर उसकी त्वचा को छू रही थी।
तभी बेडरूम के दरवाज़े पर दस्तक हुई।
रिया ने दरवाज़ा खोला। सामने नील खड़ा था। नील—उसका ऑफिशियल कलीग, जिसके साथ वह पिछले तीन दिनों से एक बेहद कड़े बिजनेस कॉन्फ्रेंस के लिए यहाँ आई हुई थी। दिन भर औपचारिक सूट और प्रोफेशनल बातचीत के पीछे छुपा उनका आकर्षण अब इस तन्हा रात में बाहर आने को बेताब था। नील ने अपनी शर्ट के ऊपर के तीन बटन खोल रखे थे, और उसकी गहरी आँखें सीधे रिया के चेहरे पर टिकी थीं।
"तुम सोई नहीं?" नील की आवाज़ में दिन वाली औपचारिकता गायब थी। उसकी जगह एक भारीपन और नशा था।
"तुम्हारे आने का इंतज़ार कर रही थी..." रिया ने बिना हिचकिचाहट के कहा। उसकी आवाज़ में एक अजीब सी बेबाकी थी।

खिंचाव और खामोशी
नील कमरे के अंदर आया और उसने पीछे से दरवाज़ा बंद कर दिया। कुंडी गिरने की आवाज़ इस बात का सबूत थी कि अब इस कमरे के अंदर की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी थी।
वह रिया के बेहद करीब आकर रुक गया। रिया को नील के परफ्यूम और उसके जिस्म की गर्मी साफ महसूस हो रही थी। दोनों के बीच की दूरी अब बस कुछ इंच की थी। नील ने अपना हाथ उठाया और उसकी उंगलियां रिया के गालों से फिसलती हुई उसकी गर्दन की नाजुक त्वचा पर ठहर गईं। रिया की साँसें तेज़ हो गईं और उसने अनजाने में अपनी आँखें बंद कर लीं।
"रिया, हम जो करने जा रहे हैं... इसके बाद ऑफिस में चीजें वैसी नहीं रहेंगी," नील ने फुसफुसाते हुए कहा। उसका अंगूठा रिया के निचले होंठ को धीरे से सहला रहा था।
"मुझे कल की परवाह नहीं है नील। मुझे सिर्फ इस पल से मतलब है," रिया ने आँखें खोलकर सीधे नील की आँखों में देखते हुए कहा। उसकी आँखों में इस वक्त सिर्फ और सिर्फ नील के लिए चाहत थी।
सीमाओं का टूटना
नील ने और वक्त ज़ाया नहीं किया। उसने रिया को अपनी मजबूत बाहों में खींच लिया। जब नील के होंठ रिया के होठों से मिले, तो जैसे दोनों के अंदर का हफ्तों का सब्र टूट गया। यह चुंबन धीमा नहीं था, इसमें एक जंगलीपन, एक प्यास और एक गहरी तड़प थी।
रिया के हाथ नील के बालों में उलझ गए, और वह उसे खुद के और करीब खींचने लगी। नील के हाथ रिया की कमर पर कस गए, जिससे उसके रेशमी गाउन के कपड़े के आर-पार भी नील की उंगलियों की गर्मी महसूस हो रही थी। नील ने रिया को अपनी बाहों में उठाया और धीरे से उसे बड़े, मखमली बिस्तर पर लिटा दिया।
बिस्तर की ठंडी चादर और नील के जिस्म की तपिश ने रिया के अंदर एक अजीब सा करंट दौड़ा दिया। नील उसके ऊपर झुक आया। उसकी आँखें रिया के चेहरे, उसके होठों और गाउन से झलकती उसकी गर्दन की रेखाओं पर घूम रही थीं।

मदहोश रात
"तुम बेहद खूबसूरत हो रिया... इतनी कि मैं खुद पर काबू नहीं रख पा रहा हूँ," नील ने उसकी कॉलरबोन (गर्दन के निचले हिस्से) पर अपने होंठ रखते हुए कहा।
रिया के मुंह से एक दबी हुई सिसकी निकल गई। उसने नील के कंधे को अपनी उंगलियों से कसकर पकड़ लिया। कमरे में सिर्फ उनकी तेज़ होती साँसों की आवाज़ और बाहर समंदर की लहरों का शोर था। खिड़की से आती चाँद की रोशनी सीधे उनके जिस्मों पर पड़ रही थी, जिससे माहौल और भी ज्यादा मादक हो गया था।
नील के होंठ और हाथ अब धीरे-धीरे रिया के गाउन की बेल्ट को पूरी तरह खोल चुके थे। इस रात कोई बंदिश नहीं थी, कोई नियम नहीं थे। सिर्फ दो जिस्म थे, जो एक-दूसरे की गर्मी में पूरी तरह पिघल जाने को तैयार थे। यह रात उनके जीवन की सबसे लंबी और सबसे हसीन रात बनने जा रही थी।



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